Arjunkotri ( President Bajrang Dal Kotri, )
Bajrang dal kotri
Distict Ajmer ( Rajsthan ) ( India )
Mobile No. 09610502604
Email : bajrangdal.kotri@gmail.com
Formation of Bajrang DalVishva Hindu Parishad decided to start Ram-Janaki Rath yatra for awakening the society on October 1, 1984. There was nothing against other religions but certain anti-Hindu and anti-social elements threatened with dire consequences if Vishva Hindu Parishad organized this Yatra
Showing posts with label Admin. Show all posts
Showing posts with label Admin. Show all posts
Thursday, 28 November 2013
हिन्दू
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ...ताकि मेरे देश में गौ कत्लखाने बंद हो ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ....ताकि कश्मीर भरात का हिस्सा बने ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ....ताकि देश से 6करोड़ बांग्लादेशियो को निकाल सकू ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ...ताकि वो देश में अतंकवादियो को ढून्ढ-ढून्ढ के मरवा दे ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ...ताकि मै दवूद इब्राहीम , हाफिज सईद, अबू जिंदाल जैसे आतंकियों को फंसी पर लटकता देखू ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु .....ताकि हमारी भारतीय सेना मजबूत हो और हमारे देशमें ही हथियार बने ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ....ताकि भारत में विकाश हो ।
● मै मोदी को इसलिए PM बनाना चाहता हु ....ताकि अच्छे कानून बने
Tuesday, 19 November 2013
हिन्दू
मुसलमान शुरुआत करें तो उसे "शरारत" कहते हैं |
(गोधरा)
हिन्दू जवाब दे दें तो उसे दंगा कहते हैं | (गुजरात)
जिस देश में ये लगातार होता रहे उसे सेकुलर
इंडिया कहते हैं |
वो करे तो जेहाद.!! और हम करे तो फसाद ..?
ज़ुल्म की पहचान मिटा के रख दें हिन्दू ...
चाहे तो कोहराम मचा के रख दें हिन्दू ..
अभी सूखे पत्तो की तरह बिखरे है हम हिन्दू ..
अगर हो जाये एक तो दुनिया हिला के रख दें
हिन्दू .!!!
(गोधरा)
हिन्दू जवाब दे दें तो उसे दंगा कहते हैं | (गुजरात)
जिस देश में ये लगातार होता रहे उसे सेकुलर
इंडिया कहते हैं |
वो करे तो जेहाद.!! और हम करे तो फसाद ..?
ज़ुल्म की पहचान मिटा के रख दें हिन्दू ...
चाहे तो कोहराम मचा के रख दें हिन्दू ..
अभी सूखे पत्तो की तरह बिखरे है हम हिन्दू ..
अगर हो जाये एक तो दुनिया हिला के रख दें
हिन्दू .!!!
Bajrang Dal Vrindavan Workshop
हिन्दू धर्म किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित किया गया नहीं है। यह पुराने समय से चले आ रहे अलग-अलग मतों और आस्थाओं से मिलकर बना है। समय के साथ-साथ इस धर्म में ऐसे नए विश्वास और मत जुड़ते गए, जो समय की कसौटी पर खरे थे। इसलिए ही हिन्दू धर्म को एक विकासशील धर्म कहा जाता है। हिन्दू धर्म के मूल तत्वों में सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा और दान मुख्य हैं और इन सबका विशेष महत्त्व है। इसलिए अपने मन, वचन और कर्म से हिंसा से दूर रहने वाले मनुष्य को हिन्दू कहा गया है। हिन्दू धर्म का इतिहास वेदकाल से भी पहले का माना गया है और वेदों की रचना 4500 ई।पू। शुरू हुई। हिन्दू इतिहास ग्रंथ महाभारत और पुराणों में मनु (जिसे धरती का पहला मानव कहा गया है) का उल्लेख किया गया है। पुराणों के अनुसार हिन्दू धर्म सृष्टि के साथ ही पैदा हुआ। पुराना और विशाल होने के चलते इसे ‘सनातन धर्म’ के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू समाज गायत्री मंत्र को ईश्वर की आराधना के लिए सबसे बड़ा मंत्र मानता है जो इस प्रकार है- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् । (भावानुवाद) ओम् ईश अनादि अनंत हरे । जीवन का आधार स्वयंभू सबमें प्राण भरे । जिसका ध्यान दुखों को हरता दुख से स्वयं परे । विविध रूप जग में व्यापक प्रभु धारण सकल करे । जो उत्पन्न जगत को करके सब ऐश्वर्य भरे । शुद्ध स्वरूप ब्रह्म अविनाशी का मन वरण करे । दिव्य गुणों से आपूरित जो सुख का सृजन करे । वह जगदीश्वर बुद्धि हमारी प्रेरित सुपथ करे । |
हिन्दू
मुसलमान शुरुआत करें तो उसे "शरारत" कहते हैं |
(गोधरा)
हिन्दू जवाब दे दें तो उसे दंगा कहते हैं | (गुजरात)
जिस देश में ये लगातार होता रहे उसे सेकुलर
इंडिया कहते हैं |
वो करे तो जेहाद.!! और हम करे तो फसाद ..?
ज़ुल्म की पहचान मिटा के रख दें हिन्दू ...
चाहे तो कोहराम मचा के रख दें हिन्दू ..
अभी सूखे पत्तो की तरह बिखरे है हम हिन्दू ..
अगर हो जाये एक तो दुनिया हिला के रख दें
हिन्दू .!!!
करते जो देश की रक्षा हैं, उनको शत नमन हमारा है।
हे वीर देश के वीर सपूत, दुश्मन नेँ हमेँ ललकारा है,
दिखा दो इन कुत्तो को ये हिन्दुस्तान हमारा है।
(गोधरा)
हिन्दू जवाब दे दें तो उसे दंगा कहते हैं | (गुजरात)
जिस देश में ये लगातार होता रहे उसे सेकुलर
इंडिया कहते हैं |
वो करे तो जेहाद.!! और हम करे तो फसाद ..?
ज़ुल्म की पहचान मिटा के रख दें हिन्दू ...
चाहे तो कोहराम मचा के रख दें हिन्दू ..
अभी सूखे पत्तो की तरह बिखरे है हम हिन्दू ..
अगर हो जाये एक तो दुनिया हिला के रख दें
हिन्दू .!!!
करते जो देश की रक्षा हैं, उनको शत नमन हमारा है।
हे वीर देश के वीर सपूत, दुश्मन नेँ हमेँ ललकारा है,
दिखा दो इन कुत्तो को ये हिन्दुस्तान हमारा है।
Bajrang Dal Vrindavan Workshop
हिन्दू धर्म किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित किया गया नहीं है। यह पुराने समय से चले आ रहे अलग-अलग मतों और आस्थाओं से मिलकर बना है। समय के साथ-साथ इस धर्म में ऐसे नए विश्वास और मत जुड़ते गए, जो समय की कसौटी पर खरे थे। इसलिए ही हिन्दू धर्म को एक विकासशील धर्म कहा जाता है। हिन्दू धर्म के मूल तत्वों में सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा और दान मुख्य हैं और इन सबका विशेष महत्त्व है। इसलिए अपने मन, वचन और कर्म से हिंसा से दूर रहने वाले मनुष्य को हिन्दू कहा गया है। हिन्दू धर्म का इतिहास वेदकाल से भी पहले का माना गया है और वेदों की रचना 4500 ई।पू। शुरू हुई। हिन्दू इतिहास ग्रंथ महाभारत और पुराणों में मनु (जिसे धरती का पहला मानव कहा गया है) का उल्लेख किया गया है। पुराणों के अनुसार हिन्दू धर्म सृष्टि के साथ ही पैदा हुआ। पुराना और विशाल होने के चलते इसे ‘सनातन धर्म’ के नाम से भी जाना जाता है।
|
Subscribe to:
Posts (Atom)
